50 करोड़ से ज्यादा लोगों को सदस्य बना चुकी वेबसाइट फेसबुक निवेश हासिल करने के बाद बड़ी मीडिया कंपनी टाइम वार्नर, ई-बे और याहू से ज्यादा मालदार हो गई है। इस निवेश के बाद फेसबुक के मालिक मार्क जकरबर्ग पर कंपनी नियमों के मुताबिक वित्तीय नतीजों को सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ेगा। कंपनी में करीब दो हजार निवेशकों के धन लगाने की उम्मीद है। एसईसी नियमों के मुताबिक किसी कंपनी में 499 से ज्यादा निवेशकों को धन लगने के बाद वित्तीय नतीजों को सार्वजनिक किया जाना जरूरी है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल के मध्य तक जकरबर्ग कंपनी के नतीजों को सार्वजनिक करने लगेंगे।
50 अरब डॉलर की कैसे हुई फेसबुक?:
दो अरब डॉलर का सालाना लाभ कमाने वाली कंपनी फेसबुक क्या वाकई इससे 25 गुना कीमत रखती है? इस कंपनी में निवेश करने वाली गोल्डमैन साक्स और रूसी निवेशक की जोड़ी को तो ऐसा ही लगता है।
फेसबुक में निवेश की खबर का खुलासा करने वाले ‘न्यूयार्क टाइम्स’ के पत्रकार एवलिन रुसली ने बताया कि गोल्डमैन ने सोचसमझकर फेसबुक में धन लगाया है। कंपनी को उम्मीद है कि 2012 में फेसबुक का आईपीओ मार्केट में आएगा। इससे उनके निवेश का मूल्य बढ़ जाएगा और यह अन्य निवेशकों को भी आकर्षित करेगा।
अब कहां पहुंचा फेसबुक
वेबसाइट फेसबुक की कीमत का आकलन होने पर उसे याहू और ई-बे से तो ज्यादा मालदार माना गया है, लेकिन आमेजनडॉटकॉम (82.7 अरब डॉलर) और कोका-कोला (151 अरब डॉलर) से वह काफी पीछे है। सोमवार को गूगल का बाजार मूल्य 193 अरब डॉलर था।
गूगल से ज्यादा लोग फेसबुक पर
जून 2010 में फेसबुक का बाजार मूल्य 25 अरब डॉलर का आंका गया था। ऐसे में दिसंबर के अंत तक फेसबुक का बाजार में दोगुनी उछाल लेना जानकारों को भी आश्चर्य में डाल रहा है। सोशल मीडिया पत्रकार शिरा लेजर के अनुसार फेसबुक की लोकप्रियता ही उसकी कमाई और कीमत का आधार है। दिसंबर माह में फेसबुक यूजर की
संख्या गूगल यूजरों से ज्यादा हो गई थी। Dainik Bhaskar
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